Песня Rang Layi Hai Mohabat (Single 2019) в исполнении Alka Yagnik and Saurabh P. Srivastav - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
Текст песни Alka Yagnik and Saurabh P. Srivastav - Rang Layi Hai Mohabat (Single 2019)
रंग लाई है मोहब्बत, है दीवाना सारा जहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
रंग लाई है मोहब्बत, है दीवाना सारा जहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
अब तो शोले लपकने लगे हैं
मेरे अरमाँ बहकने लगे हैं
प्यास धरती को लगने लगी है
और बादल बरसने लगे हैं
अब तो शोले लपकने लगे हैं
मेरे अरमाँ बहकने लगे हैं
प्यास धरती को लगने लगी है
और बादल बरसने लगे हैं
गुनगुनाती हैं तराने आज ये ठंडी हवा
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
यूँ शरारत से मत मुस्कुराओ
ना निगाहों से बिजली गिराओ
प्यार ऐसा ही होता है, जानाँ
तुम मेरे और भी पास आओ
यूँ शरारत से मत मुस्कुराओ
ना निगाहों से बिजली गिराओ
प्यार ऐसा ही होता है, जानाँ
तुम मेरे और भी पास आओ
मैं तेरी हूँ, तू मेरा है, तू जहाँ है, मैं भी वहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
रंग लाई है मोहब्बत, है दीवाना सारा जहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ
मस्तियाँ हैं, रुत जवाँ है, होश हमको है कहाँ