Песня Murshida (Dilli Ki Billi 1997) в исполнении Anu Malik and Arijit Singh - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
Текст песни Anu Malik and Arijit Singh - Murshida (Dilli Ki Billi 1997)
ना-ना-ना-ना, आ-ना-ना-ना
ना-ना-ना, ना ना-ना-ना-ना
पहली शर्त जुदाई है, इश्क़ बड़ा हरजाई है
दिल पे किसने दस्तक दी, तुम हो या तन्हाई है?
तुझको भूले बैठे थे, फिर से तेरी याद आई है
दिल पे किसने दस्तक दी, तुम हो या तन्हाई है?
मुर्शिदा, मुर्शिदा, मुर्शिदा
अल-मदद, दोस्ता, मुर्शिदा
अलविदा, अलविदा, अलविदा
अलविदा, दोस्ता, अलविदा
सूखे फूल हैं हाथों में, प्यार का मौसम चाहा था
उसने ज़ख़्म दिए हमको
जिससे मरहम चाहा था, जिससे मरहम चाहा था
अब के ओस की बूँदों ने दिल में आग लगाई है
दिल पे किसने दस्तक दी, तुम हो या तन्हाई है?
मुर्शिदा, मुर्शिदा, मुर्शिदा
अल-मदद, दोस्ता, मुर्शिदा
अलविदा, अलविदा, अलविदा
अलविदा, दोस्ता, अलविदा
पल-पल बंजर-बंजर है, आज भी तेरी ख़्वाहिश है
तुझसे मिले, ये क़िस्मत थी
तुझसे बिछड़ना साज़िश है, तुझसे बिछड़ना साज़िश है
जिसके सपने देखे थे उसने नींद उड़ाई है
दिल पे किसने दस्तक दी, तुम हो या तन्हाई है?
मुर्शिदा, मुर्शिदा, मुर्शिदा
अल-मदद, दोस्ता, मुर्शिदा
अलविदा, अलविदा, अलविदा
अलविदा, दोस्ता, अलविदा
मुर्शिदा, मुर्शिदा, मुर्शिदा
अल-मदद, दोस्ता, मुर्शिदा
अलविदा, अलविदा, अलविदा
अलविदा, दोस्ता, अलविदा
मुर्शिदा, मुर्शिदा, मुर्शिदा
अल-मदद, दोस्ता, मुर्शिदा