Песня Honthon Pe Sachai (Original) в исполнении Mukesh - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни Mukesh - Honthon Pe Sachai (Original)
होंठों पे सच्चाई रहती है, जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है
हम उस देश के वासी हैं...
हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है
होंठों पे सच्चाई रहती है, जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है
हम उस देश के वासी हैं...
हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है
मेहमाँ जो हमारा होता है वो जान से प्यारा होता है
मेहमाँ जो हमारा होता है वो जान से प्यारा होता है
ज़्यादा की नहीं लालच हमको
थोड़े में गुज़ारा होता है, थोड़े में गुज़ारा होता है
बच्चों के लिए जो धरती माँ सदियों से सभी कुछ सहती है
हम उस देश के वासी हैं...
हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है
कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं, इंसान को कम पहचानते हैं
कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं, इंसान को कम पहचानते हैं
ये पूरब है, पूरब वाले हर जान की क़ीमत जानते हैं
हर जान की क़ीमत जानते हैं
मिल-जुल के रहो और प्यार करो, एक चीज़ यही जो रहती है
हम उस देश के वासी हैं...
हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है
जो जिससे मिला, सीखा हमने, ग़ैरों को भी अपनाया हमने
जो जिससे मिला, सीखा हमने, ग़ैरों को भी अपनाया हमने
मतलब के लिए अंधे होकर रोटी को नहीं पूजा हमने
रोटी को नहीं पूजा हमने
अब हम तो क्या, सारी दुनिया सारी दुनिया से कहती है
हम उस देश के वासी हैं...
हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है
होंठों पे सच्चाई रहती है, जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है
हम उस देश के वासी हैं...
हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है