Песня Masakali 2.0 (From "Masakali 2.0") в исполнении Tulsi Kumar - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни Tulsi Kumar - Masakali 2.0 (From "Masakali 2.0")
ऐसे wing झटक, ना कमर मटक
तू लचक-लचक के यूँ ना भटक
हर नज़र-नज़र है तुझ पे
तू ज़रा सँभल-सँभल के रहना रे
है इस क़दर किया हश्र कि नींदें सारी उड़ गईं रे
हाँ, मुझे तो बस तेरी फ़िकर
तेरे चक्कर में भूला सारा जहाँ रे
मसकली-मसकली, तू कहाँ चली, कहाँ चली?
ओ, मसकली-मसकली, कहाँ तेरी गली, तेरी गली?
मैं मसकली-मसकली, मैं चली-चली, चली-चली
मैं मसकली-मसकली, मैं चली-चली, चली-चली
हवा में उड़ती रहती है, दिलों से जुड़ती रहती है
तू लगती है कोई thunder जो मुझ पे गिरती रहती है
ज़रा बता दे तू कहाँ पे रहती है
ढूँढता रहता हूँ मैं गली, गली, गली
मसकली-मसकली, तू कहाँ चली, कहाँ चली?
ओ, मसकली-मसकली, कहाँ तेरी गली, तेरी गली?
जो innocent सी अदा, है ग़लती इसमें क्या बता
हूँ मैं एक simple सी लड़की, क्यूँ follow करता बेवजह?
क्यूँ इस पे पागल तू? भटकता बादल तू
ना पिंजरे में आऊँगी, चली, मैं तो चली
मैं मसकली-मसकली, मैं चली-चली, चली-चली
ओ, मसकली-मसकली, कहाँ तेरी गली, तेरी गली?