Песня Kissa Hum Likhenge в исполнении Anuradha Paudwal - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни Anuradha Paudwal - Kissa Hum Likhenge
ओ, किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
ख़त में सजा के फूल हम प्यार का
लफ़्ज़ों में लिख देंगे अपना हाल-ए-दिल
देखेंगे क्या जवाब आता है फिर यार का
किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
ख़त में सजा के फूल हम प्यार का
लफ़्ज़ों में लिख देंगे अपना ये हाल-ए-दिल
देखेंगे क्या जवाब आता है फिर यार का
किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
ख़त में सजा के फूल हम प्यार का
दिल का दीवानापन कहता है ये सजन
क़दमों में आपके लूटा दूँ अपनी जाँ
जान हमारी हो, जाँ से भी प्यारी हो
आपके प्यार की तो दिल में है जगह
ओ, दिल में ही बसा के रखना तुम सदा
हम तो ना छोड़ेंगे ये साथ कभी दिलदार का
किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
ओ, ख़त में सजा के फूल हम प्यार का
लफ़्ज़ों में लिख देंगे अपना ये हाल-ए-दिल
हाँ, देखेंगे क्या जवाब आता है फिर यार का
किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
हो, ख़त में सजा के फूल हम प्यार का
चंदा सा चेहरा जब, आता है याद तब
दिन में भी छा जाता है रात का समाँ
हाँ, रातें बेहाल है, सोना मुहाल है
आँखों में आप हैं जी, नींदें हैं कहाँ
मेरी भी निगाहों का सुन ले अब सवाल
पूछती हैं कब आएगा मौक़ा फिर तेरे दीदार का
किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
ख़त में सजा के फूल हम प्यार का
लफ़्ज़ों में लिख देंगे अपना ये हाल-ए-दिल
देखेंगे क्या जवाब आता है फिर यार का
किस्सा हम लिखेंगे दिल-ए-बेक़रार का
हो, ख़त में सजा के फूल हम प्यार का