Песня Ishq Hothon Se в исполнении K.K. - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
5:07 MP3, 7.4MB, 192kb/s
Текст песни K.K. - Ishq Hothon Se
मुझे तो चाँद मिल गया आज तेरी आँखों में
करूँ क्या आसमाँ बता
नींदों बिन मैं रातों में
सभी बेचैन धड़कने रख दे मेरे हाथों पे
ज़रा उलझी है साँस तो रख दे मेरी साँसों पे
शर्मा रही है नज़रें तेरे चेहरे से जो गुजरे
शर्मा रही है नज़रें तेरे चेहरे से जो गुजरे
मैं कैसे कह दूँ दिल की ये दास्ताँ
इश्क़ होंठों से तो होता नहीं बयाँ
इसलिए प्यार में आँखें बनी जुबाँ
इश्क़ होंठों से तो होता नहीं बयाँ
इसलिए प्यार में आँखें बनी जुबाँ
प्यार में
चेहरे पे तेरे घबराहटें हैं क्यूँ?
रुकी-रुकी कदमों की आहटें हैं क्यूँ?
सहमा है प्यार के रास्तों पे दिल
मुझको ज़रा सा तू फ़ासलों पे मिल
दिल मिल जाए तो कैसी ये दूरियाँ
इश्क़ होंठों से तो होता नहीं बयाँ
इसलिए प्यार में आँखें बनी जुबाँ
इश्क़ होंठों से तो होता नहीं बयाँ
इसलिए प्यार में आँखें बनी जुबाँ
दिल ये मेरा किसी के पास बह गया
साँसों में एक नया एहसास रह गया
होता है सब को ये तुझे भी हुआ
पूरी हुई है तेरे ख्वाबों की दुआ
ना जाने कैसे बदला मेरा जहाँ
इश्क़ होंठों से तो होता नहीं बयाँ
इसलिए प्यार में आँखें बनी जुबाँ
हो, इश्क़ होंठों से तो होता नहीं बयाँ
इसलिए प्यार में आँखें बनी जुबाँ
शर्मा रही है नज़रें तेरे चेहरे से जो गुजरे
शर्मा रही है नज़रें तेरे चेहरे से जो गुजरे
तो कैसे कह दूँ दिल की ये दास्ताँ
इश्क़ होंठों से तो होता नहीं बयाँ
इसलिए प्यार में आँखें बनी जुबाँ
इश्क़ होंठों से तो होता नहीं बयाँ
इसलिए प्यार में आँखें बनी जुबाँ
प्यार में