Песня Rub Jaisa Roop Tumhara (From "Meera Ka Mohan") в исполнении Anuradha Paudwal - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни Anuradha Paudwal - Rub Jaisa Roop Tumhara (From "Meera Ka Mohan")
रब जैसा रूप तुम्हारा, देता है दिल को सहारा
रब जैसा रूप तुम्हारा, देता है दिल को सहारा
हो, सूरज हो या तारा, फूल हो या अंगारा
जिसमें भी रूप तुम्हारा, वही मुझे प्यारा
रब जैसा रूप तुम्हारा, देता है दिल को सहारा
हो, सूरज हो या तारा, फूल हो या अंगारा
जिसमें भी रूप तुम्हारा, वही मुझे प्यारा
रब जैसा रूप तुम्हारा, देता है दिल को सहारा
प्यार में मेरे इतनी अगन है, सूरज में भी ना होगी
प्यार में मेरे इतनी अगन है, सूरज में भी ना होगी
तेरी इसी लगन ने तभी तो मुझको बना दिया तेरा जोगी
जैसे मोती, जैसे पारा, वैसे चमके हो अंग तुम्हारा, हो
रब जैसा रूप तुम्हारा, हो, देता है दिल को सहारा
सूरज हो या तारा, फूल हो या अंगारा
जिसमें भी रूप तुम्हारा, वही मुझे प्यारा
रब जैसा रूप तुम्हारा, देता है दिल को सहारा
लब इसलिए हसीन नहीं के फूलों से वो खिलते हैं (है ना?)
लब इसलिए हसीन नहीं के फूलों से वो खिलते हैं
फूल हसीं है इसलिए के होंठों से वो मिलते हैं
आँखें तेरी जीवन धारा, हर एक तारा हो इन पर वारा
रब जैसा रूप तुम्हारा, देता है दिल को सहारा
हो, सूरज हो या तारा, फूल हो या अंगारा
जिसमें भी रूप तुम्हारा, वही मुझे प्यारा
रब जैसा रूप तुम्हारा, देता है दिल को सहारा