Песня Jaane Bahara в исполнении Kamal Khan - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни Kamal Khan - Jaane Bahara
जान-ए-बहारा, जान-ए-तमन्ना
महका दिया आशियाँ
जान-ए-बहारा, जान-ए-तमन्ना, महका दिया आशियाँ
आँखों में जो सपने थे मेरे, तुम ने रंग दिया
तुम पे ही आकर रुकती हैं ये सब मेरी खुशियाँ
तेरी खुशी में ही बसती है मेरी ये दुनिया
यूँ हँसते-गाते, मुस्कुराते गुज़रे हैं जो पल
आएँ कल भी लौट कर
अरे, छोड़ो, क्यूँ कल का सोचें हम?
कल की बातें कल, आज जी लें झूम कर, हो
जान-ए-बहारा, जान-ए-तमन्ना
महका दिया आशियाँ
क़िस्मत को मेरी तुम ने मोहब्बत से किया रोशन
रोशन है तेरे दम से मेरा ये मन, ये जीवन
जीवन के इम्तिहाँ में, सहरा में, गुलिस्ताँ में
साया बन के रहूँगी, ओ, पिया
जान-ए-बहारा, जान-ए-तमन्ना
महका दिया आशियाँ
आँखों में जो सपने थे मेरे, तुम ने रंग दिया
एक तोहफ़ा ज़रा यूँ दो, तुम जैसी मूरत हो
मूरत हो, मगर जिस की तुम जैसी सूरत हो
चंदा या चाँदनी हो, सागर हो या नदी हो
होंगी अपनी ही वो निशानियाँ
जान-ए-बहारा, जान-ए-तमन्ना
महका दिया आशियाँ
आँखों में जो सपने थे मेरे, तुम ने रंग दिया
यूँ हँसते-गाते, मुस्कुराते गुज़रे हैं जो पल
आएँ कल भी लौट कर
अरे, छोड़ो ना, क्यूँ कल का सोचें हम?
कल की बातें कल, आज जी लें झूम कर, हो
जान-ए-बहारा, जान-ए-तमन्ना
महका दिया आशियाँ