Песня Sadiyaan в исполнении Hariharan - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни Hariharan - Sadiyaan
सदियाँ समा गईं इस इक पल में
दिखने लगा सुकूँ दुनिया की हलचल में
सदियाँ समा गईं इस इक पल में
दिखने लगा सुकूँ दुनिया की हलचल में
ऐ, काश पा लूँ ये पल
मैं भी, मैं भी इस पल में
मैं भी इस पल में, इस पल में
मैं भी इस पल में, हो-हो
सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ रे
सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ रे
सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ रे
सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ रे
सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ वे
सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ वे
सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ वे
सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ वे
सदियाँ...
हो, नैनों के शीशे में साया है किस का?
लुक-छुप के आता है चंदा के जैसा
कश्ती ये दिल, कहती है मिल, सागर है इश्क़ का
रोके क्यूँ हमको यूँ ये हया?
लहरों में डूबे लोग तो हैं सदा
साहिल पे डूब के जी लें हम सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ
सदियाँ समा गईं इस इक पल में
दिखने लगा सुकूँ दुनिया की हलचल में
ऐ, काश पा लूँ ये पल
मैं भी, मैं भी इस पल में
मैं भी इस पल में, इस पल में
मैं भी इस पल में, हो-हो
अश्कों को आई हँसी, गुमसुम है ज़ुबाँ
माफ़ करे, कह ना सकूँ हाल-ए-दिल यहाँ
राज़-ए-वफ़ा रहते हैं दो दिल के दरमियाँ
कह दिया तो रहा इश्क़ क्या?
आँखों में डूबे ख़ामोशी से हया
ऐसे ही गुज़रें सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ, सदियाँ
सदियाँ समा गईं इस इक पल में
दिखने लगा सुकूँ दुनिया की हलचल में
ऐ, काश पा लूँ ये पल
मैं भी, मैं भी इस पल में
मैं भी इस पल में, इस पल में, हे-हे
मैं भी इस पल में, हो-हो