Песня Bezubaan Kab Se в исполнении Siddharth Basrur - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
4:31 MP3, 6.5MB, 192kb/s
Текст песни Siddharth Basrur - Bezubaan Kab Se
समझ ना मुझे, समझ ना मुझे
समझ ना मुझे हलका रे
सँभल के ज़रा, संभल के ज़रा
सँभल के ज़रा रहना रे
समझ ना मुझे, समझ ना मुझे
समझ ना मुझे हलका रे
सँभल के ज़रा, संभल के ज़रा
सँभल के ज़रा रहना रे
सीने में है दरिया, है कोई ना और ज़रिया
कह दूँगा, जो नहीं कहा कभी
बेज़ुबाँ, बेज़ुबाँ
बेज़ुबाँ कब से मैं रहा, बेगुनाह सहता मैं रहा
बेज़ुबाँ कब से मैं रहा, बेगुनाह सहता मैं रहा
(Watch out, we're back again, go)
(Get up)
(Watch out, we're back again, go)
जुनूँ मेरा है एक दरिया
दरिया है, रोके से रुकना नहीं
तूफ़ाँ के आगे झुकना नहीं
चीर के तूफ़ाँ के पार ये जाएगा
नाचना, मेरी ज़ुबानी है नाचना
है मेरा दाना, है पानी है नाचना
मैं शांत हूँ तो तूफ़ानी है नाचना
मैं राजा हूँ, मेरी रानी है नाचना
नाचना, मेरा सम्मान है नाचना
तीर से छूटा कमान है नाचना
मेरा धरम और ईमान है नाचना
एक ही मेरा भगवान है नाचना
भगवान है नाचना
बेज़ुबाँ (बेज़ुबाँ, बेज़ुबाँ)
(Watch out, we're back again, go)
काट ले (काट ले), बाँट ले (बाँट ले)
कट जाएँगे, पर हम अब झुकने वाले नहीं
हम एक थे (हम एक थे), हम एक हैं (हम एक हैं)
तेरी बातों से तो हम मिटने वाले नहीं
सीने में है दरिया, है कोई ना और ज़रिया
कह दूँगा, जो नहीं कहा कभी
बेज़ुबाँ कब से मैं रहा, बेगुनाह सहता मैं रहा
बेज़ुबाँ कब से मैं रहा, बेगुनाह सहता मैं रहा