Песня Saugandh Mujhe Iss Mitti Ki в исполнении Sukhwinder Singh - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
3:55 MP3, 5.6MB, 192kb/s
Текст песни Sukhwinder Singh - Saugandh Mujhe Iss Mitti Ki
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूँगा
ये देश नहीं मिटने दूँगा
ये देश नहीं झुकने दूँगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूँगा
मैं देश नहीं मिटने दूँगा
मेरी धरती मुझसे पूछ रही
"कब मेरा कर्ज़ चुकाओगे?"
मेरा अंबर मुझसे पूछ रहा
"कब अपना धर्म निभाओगे?"
मैंने वचन दिया भारत माँ को
वचन दिया भारत माँ को
तेरा शीश नहीं झुकने दूँगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूँगा
ये देश नहीं मिटने दूँगा
ये देश नहीं झुकने दूँगा
वो जितने अँधेरे लाएँगे
मैं उतने उजाले लाऊँगा
वो जितनी रात बढ़ाएँगे
मैं उतने सूरज उगाऊँगा
इस छल-फ़रेब की आँधी में
छल-फ़रेब की आँधी में
ये दीप नहीं बुझने दूँगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूँगा
ये देश नहीं मिटने दूँगा
ये देश नहीं झुकने दूँगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूँगा
ये देश नहीं मिटने दूँगा
ये देश नहीं झुकने दूँगा
वन्दे मातरम् (ये देश नहीं मिटने दूँगा)
(ये देश नहीं झुकने दूँगा)
(ये देश नहीं मिटने दूँगा)
वन्दे मातरम् (ये देश नहीं झुकने दूँगा)
वन्दे मातरम्