Песня Chal Kahin Door в исполнении Shashaa Tirupati - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни Shashaa Tirupati - Chal Kahin Door
खामोशी के चेहरे थे या
लगता है के धुप खिली
कितने दिन के बाद मैं हँस के
अपने आप से आज मिली
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
रंजिश और रुसवाईयों से
बेवजह बेचैनियों से
रंजिश और रुसवाईयों से
बेवजह बेचैनियों से
उलझे रास्तों से
दर्द के सब बंधनों से
खुश नहीं है दिल तू जिनसे
अपनी ही उन उलझनों से
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
हो, खोलेंगे-खोलेंगे बाँहों का घेरा
खोलेंगे-खोलेंगे बाँहों का घेरा
जो चाहे कर ले अँधेरा
सूरज जैसा खिलता चेहरा
वादा किया, वादा किया, खुद से ही वादा किया
टूटूँगी ना कभी पक्की है ये बात भी
ग़म से है मुझको कर ना किनारा
ऐसा होना है ऐ दिल, ऐसा होना है ऐ दिल
मैं ही रास्ता, मैं ही मंज़िल
मैं ही महफ़िल, मैं ही रौनक
खुदको करना है हासिल
मेरे वो है जो मेरे क़ाबिल
खाली लोगों से, लमहों से आ ऐ दिल
हो फ़ासले, हो फ़ासले
हो फ़ासले, हो फ़ासले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले
चल कहीं दूर चले