Песня Kahaan Hoon Main в исполнении Jonita Gandhi - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
5:27 MP3, 7.9MB, 192kb/s
Текст песни Jonita Gandhi - Kahaan Hoon Main
कहां हूं मैं
कहां हूं मैं अब
कहां हूं मैं
कहां हूं मैं अब
आहें, डर, खुशी, रास्ते
कच्ची बातें, सच्चे वास्ते
कहीं पे इन सब में
कहाँ हूँ मैं
मैं भी तो आना था इसी तरफ
मेरी भी तो राहें हैं यहीं कहीं
उलझनों के दो राहें
रास्तों की ये बाहें
आते-जाते पूछती
मैं कहां
कहां हूं मैं अब
कहां हूं मैं
कहां हूं मैं अब
आहें, डर, ख़ुशी, रास्ते
कच्ची बातें सच्चे वास्ते
कहीं पे इन सब में
कहां हूं मैं
ऊनी-ऊनी बादल में गयी सिमट
जैसे मैं हूं जाड़ों कि हवा कोई
सोचूं ना क्या पीछे है
देखूं ना जो आगे है
मन ये मेरा पूछता
मैं कहां
कहां हूं मैं
कहां हूं मैं अब
कहां हूं मैं
कहां हूं मैं अब
यादें अब ज़मीन, ख्वाहिशें
पक्की चाहत कच्ची कोशिशें हे
कहीं पे इन सबमें
कहां हूं मैं