Песня Jann Gann Mann (From "Satyameva Jayate 2") в исполнении B Praak - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни B Praak - Jann Gann Mann (From "Satyameva Jayate 2")
ओ, माई, तू मेरी दुनिया रे
तेरे आँचल में भर दूँ तारे
हो, माई, तू मेरी दुनिया रे
तेरे आँचल में भर दूँ तारे
शान तेरी ना कम होने देंगे, वतन
नाम ले-ले के तेरा जिएँगे, वतन
तेरी ममता पे हम मर-मिटेंगे, वतन
तेरी ममता पे हम मर-मिटेंगे, वतन
हर तिनका तेरी ज़मीं का चूमता है गगन
तेरी ममता पे हम मर-मिटेंगे, वतन
तेरी ममता पे हम मर-मिटेंगे, वतन
मेरा तन-मन-धन बस जन गण मन
जन-जन में भारत माँ
मेरा तन-मन-धन बस जन गण मन
कण-कण में भारत माँ
ये देश है अलबेलों का, मतवाले यहाँ रहते हैं
मिट जाएँ तिरंगे पे जो वो जियाले यहाँ रहते हैं
दुनिया में सिर्फ़ हमी हैं, जो मुल्क को "माँ" कहते हैं
दुनिया में सिर्फ़ हमी हैं, जो मुल्क को "माँ" कहते हैं
हो, तेरी माटी तिलक है मेरा, ऐ माँ, तुझे नमन
तेरी ममता पे हम मर-मिटेंगे, वतन
तेरी ममता पे हम मर-मिटेंगे, वतन
मेरा तन-मन-धन बस जन गण मन
जन-जन में भारत माँ
मेरा तन-मन-धन बस जन गण मन
कण-कण में भारत माँ
जहाँ आँख में होगा पानी, जहाँ ज़ुल्म के मौसम होंगे
बारूद लिए सीने में मौजूद वहाँ हम होंगे
बाज़ू भी बहुत हैं, सर भी, कटने से कहाँ कम होंगे
बाज़ू भी बहुत हैं, सर भी, कटने से कहाँ कम होंगे
लाल तेरे घरों से निकले हैं बाँध कर कफ़न
तेरी ममता पे हम मर-मिटेंगे वतन
तेरी ममता पे हम मर-मिटेंगे वतन
मेरा तन-मन-धन बस जन गण मन
जन-जन में भारत माँ
मेरा तन-मन-धन बस जन गण मन
कण-कण में भारत माँ
मेरा तन-मन-धन बस जन गण मन
जन-जन में भारत माँ
मेरा तन-मन-धन बस जन गण मन
कण-कण में भारत माँ