Песня Tum Se в исполнении Varun Jain - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
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Текст песни Varun Jain - Tum Se
अलग तुझ में असर कुछ है
कि दिखता नहीं, मगर कुछ है
अलग तुझ में असर कुछ है
कि दिखता नहीं, मगर कुछ है
फ़िदा हूँ मैं तो एक नज़र, बस एक नज़र
बस एक नज़र तक के
लगे भी तो ये और किधर, अब और किधर
दिल संग तेरे लग के
सही वो भी लगे मुझको
ग़लत तुझ में अगर कुछ है
अलग तुझ में असर कुछ है
तुम से किरण धूप की
तुम से सियाह रात है
तुम बिन मैं बिन बात का
तुम हो तभी कुछ बात है
तुम से किरण धूप की
तुम से सियाह रात है
तुम बिन मैं बिन बात का
तुम हो तभी कुछ बात है
तेरी ये सोहबत हुई
मुझे नसीब है जब से
थोड़ा तो बेहतर, ख़ुदा क़सम
हुआ हूँ मैं मुझ से
है तू-ही-तू तसव्वुर में
है तू-ही-तू तसव्वुर में
कहाँ अपनी ख़बर कुछ है
अलग तुझ में असर कुछ है, हो
तुम से किरण धूप की
तुम से सियाह रात है
तुम बिन मैं बिन बात का
तुम हो तभी कुछ बात है
तुम से किरण धूप की
तुम से सियाह रात है
तुम बिन मैं बिन बात का
तुम हो तभी कुछ बात है
करिश्मे सच में होते हैं (तुम से किरण धूप की)
इस बात की तू मिसाल है (तुम से सियाह रात है)
सवालों का जवाब है (तुम बिन मैं बिन बात का)
या ख़ुद ही तू एक सवाल है?
जितनी भी तारीफ़ करूँ मैं (तुम से किरण धूप की)
वो कम है (तुम से सियाह रात है)
क़सम से, तू कमाल है (तुम बिन मैं बिन बात का)
तू कमाल है (तुम हो तभी कुछ बात है)
तू कमाल है
तू कमाल है
(कि दिखता नहीं, मगर कुछ है)