Песня Darkhaast-Aankhon Mein Teri в исполнении Sukriti Kakar - слушать онлайн в хорошем качестве или скачать трек в Mp3 бесплатно на ПК или телефон.
3:40 MP3, 5.3MB, 192kb/s
Текст песни Sukriti Kakar - Darkhaast-Aankhon Mein Teri
आई ऐसी रात है जो बहुत खुशनसीब है
चाहे जिसे दूर से दुनिया वो मेरे क़रीब है
ज़िंदगी लाई हमें यहाँ
कोई इरादा तो रहा होगा भला
कि दरख़ास्त है ये, जो आई रात है ये
तू मेरी बाँहों में दुनिया भुला दे
हो, जो अब लमहात हैं ये
(जो अब लमहात हैं ये)
बड़े ही ख़ास हैं ये (बड़े ही ख़ास हैं ये)
तू मेरी बाँहों में दुनिया भुला दे
राहों में मेरे साथ चल तू
थामे मेरा हाथ चल तू
वक्त जितना भी हो हासिल
सारा मेरे नाम कर तू
वक्त जितना भी हो हासिल
सारा मेरे नाम कर तू
आँखों में तेरी अजब सी, अजब सी अदाएँ हैं
हो, आँखों में तेरी अजब सी, अजब सी अदाएँ हैं
दिल को बना दे जो पतंग, साँसें ये तेरी वो हवाएँ हैं
दिल को बना दे जो पतंग, साँसें ये तेरी वो हवाएँ हैं
(तू मेरी बाँहों में दुनिया भुला दे)
(भुला दे, भुला दे, हो)
तू मेरी बाँहों में दुनिया भुला दे
हाँ, भुला दे